Penn Calendar Penn A-Z School of Arts and Sciences University of Pennsylvania

समाज और संस्कृति

सत्ता, सुदूर परिधि पर बसे राज्य और भारतीय संघ

उद्दीपना गोस्वामी
मैंने दिल्ली में एक दशक से अधिक समय बिताया है, यही कारण है कि भारत की राजधानी में हुई ताज़ा हिंसक घटनाओं ने मुझे मर्माहत कर दिया है, लेकिन मुझे इससे कोई हैरानी नहीं हुई। हो सकता है कि इसकी वजह यही हो कि मैं भारत के उस अशांत पूर्वोत्तर राज्य से हूँ, जहाँ हिंसा का तांडव नृत्य दैनंदिन जीवन का एक हिस्सा है। या हो सकता है कि मुझे यह एहसास इसलिए भी है कि आज जो कुछ हो रहा है, वह भारत के बीचों-बीच हो रहा है। मुझे लगता है कि भारत के सुदूर परिधि पर

स्वास्थ्य-सेवा पर केंद्रित कारखाने: भारत में बढ़ते रोगियों और घटते संसाधनों का स्वास्थ्य-सेवा संबंधी ईको सिस्टम

स्वामिनाथन सुब्रमणियम
सभी देश यह प्रयास करते हैं कि वे अपने नागरिकों को किफ़ायती और अच्छे किस्म की स्वास्थ्य-सेवा उपलब्ध कराएँ. अगर भारत जैसे कम संसाधनों वाले देश को ये दो लक्ष्य ( किफ़ायती और अच्छी स्वास्थ्य सेवा) प्राप्त करने हैं तो उसे स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले मॉडल को नये सिरे से विकसित करना होगा. भारत के सामने दो प्रमुख वास्तविकताएँ हैं: भारी जनसंख्या और प्रति व्यक्ति

भारत में पर्यावरण संबंधी न्याय के आंदोलन

ब्रतोती रॉय
मार्च 2019 में चिपको आंदोलन की 46 वीं सालगिरह मनायी गयी थी. आम तौर पर इसे भारत में पर्यावरण संबंधी न्याय का पहला आंदोलन माना जाता है, लेकिन अगर हम इतिहास पर नज़र दौड़ाएँ तो पाएँगे कि भारत में पर्यावरण संबंधी न्याय के आंदोलनों का इतिहास इससे कहीं अधिक पुराना है. 1859-63 के दौरान नील की खेती की विरुद्ध बंगाल के किसानों द्वारा किये गए ज़मीनी विद्रोह को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आरंभिक विद्रोह माना जा सकता है और इस विद्रोह में पारिस्थितिकी (ecology) के

भारत की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी देखभाल के अंतराल को पाटना

विवेक एन.डी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मूलभूत सिद्धांतों में स्वास्थ्य की परिभाषा करते हुए स्पष्ट किया गया है कि “स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की समग्र स्थिति है और यह किसी बीमारी या अशक्तता का अभाव नहीं है.” इस परिभाषा में आगे यह भी कहा गया है कि “जाति, धर्म, राजनीतिक विश्वास, आर्थिक या सामाजिक परिस्थिति के भेदभाव के बिना स्वास्थ्य का अधिकतम आनंद लेना हर मनुष्य का बुनियादी अधिकार है”.

दक्षिण एशिया में देखभाल की बढ़ती अर्थव्यवस्था

फ्रांसिस कुरियाकोज़ और दीपा ऐय्यर
सन् 2018 में “शानदार काम के भविष्य के लिए देखभाल के काम और उससे जुड़े रोज़गार” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद देखभाल के कामों पर नीति-विषयक बहस छिड़ गई. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने पाया कि देखभाल के कामों में बहुत से ऐसे कौशल भी शामिल हैं, जिन्हें न तो

राष्ट्र की विविधता के साथ संघर्ष में जूझती भारतीय पुलिस

शकेब अयाज़

सन् 1843 में भारत में जिस पुलिस-व्यवस्था का आरंभ हुआ था, वह अब भी काफ़ी हद तक ब्रिटिश काल के भारतीय पुलिस अधिनियम, 1861 पर ही चलती है और भारत के वर्ग, जाति, लिंग और धार्मिक विविधताओं के साथ संघर्ष में जूझ रही है. भारत में पुलिस व्यवस्था से संबंधित 2018 की रिपोर्ट के अनुसार इसके संभावित कारण प्रशिक्षण, संवेदीकरण की कमी और / या  पुलिसकर्मियों में निहित पक्षपात हो सकते हैं.

पलायन का दूसरा पहलूः कश्मीरी सिखों का मामला

खुशदीप कौर मल्होत्रा
20 मार्च, 2000 को अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की भारत यात्रा की पूर्व संध्या पर दक्षिण कश्मीर के चिट्टी सिंहपोरा गाँव में सशस्त्र विद्रोहियों ने पैंतीस सिख पुरुषों की नृशंसा हत्या कर दी थी. कश्मीर घाटी में कई पीढ़ियों से मुस्लिम भाइयों के साथ सद्भावना के साथ रहने वाले “सबसे कम आबादी वाले अल्पसंख्यक” सिख समुदाय के साथ यह पहली हिंसक वारदात थी. यह वारदात उस इलाके में हुई थी जो जम्मू और कश्मीर के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में से एक था, जिन्हें उग्रवाद का बड़ा खामियाजा

नीतियों में अंतर और सार्वभौमिक नेत्र-स्वास्थ्य का पवित्र संकल्प

तुलसीराज रवीला
सन् 2015 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य राष्ट्रों ने स्थायी विकास के लक्ष्य (SDG) निर्धारित करते समय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) का संकल्प भी किया था. सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) की प्रक्रिया को तीन तत्वों से परिभाषित किया जाता है: सभी व्यक्तियों और समुदायों को स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराना, व्यापक देखभाल और वित्तीय सुरक्षा. चूँकि पहुँच ही स्वास्थ्य सेवा का मूल आधार है लोगों को स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराना, इसलिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (PHC) को मुख्य रणनीति के तौर पर मान्यता प्रदान की