Penn Calendar Penn A-Z School of Arts and Sciences University of Pennsylvania

राजनीति

भारतीय मतदाता उम्मीदवार चुनने के लिए त्वचा के रंग का उपयोग कैसे करते हैं

अमित आहुजा
भारत के लोग त्वचा के रंग पर बहुत ज़ोर देते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि माँ-बाप का ध्यान अपने नवजात शिशु की दो बातों पर रहता हैः शिशु लड़का है या लड़की और उसका रंग कैसा है, गोरा या काला. सन् 2014 में भारतीयों ने ₹ 3,695 करोड़ ($550 मिलियन) गोरा करने वाले उत्पादों पर खर्च

आर्थिक शक्ति का प्रदर्शन

ऋषिका चौहान
रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के नव-निर्वाचित प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को एक बेहद अहम काम करना है. दोनों प्रधानमंत्रियों को भारत-नेपाल संबंधों (पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल द्वारा पुनर्जीवित संबंधों) की निरंतरता को बनाये रखना है और दहल के पूर्ववर्ती खड्ग प्रसाद शर्मा ओली के कार्यकाल के दौरान उपजी कटुता को भी कम करना है. हालाँकि ओली के कार्यकाल के दौरान

2019 के भारतीय आम चुनाव तक पहुँचाने वाले चार महत्वपूर्ण निहितार्थ

ईश्वरन श्रीधरन

हाल ही में मार्च में उत्तर प्रदेश (यू.पी.), उत्तराखंड, पंजाब, गोआ और मणिपुर की पाँच विधानसभाओं में हुए चुनावों, विभिन्न राज्यों में हुए दस विधान सभाओं के उपचुनावों और अप्रैल में हुए दिल्ली नगर पालिका के चुनावी परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अच्छी सफलता मिली है. इस सफलता के अनेक निहितार्थ हैं.

भारत के भूमिगत जल के निष्कासन का भविष्य

ईशा झवेरी
हर साल जून से सितंबर के अंत तक ग्रीष्म ऋतु की मानसूनी बरसात भारत के दक्षिणी तट से शुरू होकर धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ती जाती है, जिसमें भारत की वार्षिक बरसात के 80 प्रतिशत भाग की आपूर्ति होती है. नदियाँ कल-कल करके बहने लगती हैं, खेतों में बुवाई होने लगती है और जलवाही स्तर और जलाशय पानी से लबालब भरने लगते हैं. इसके फलस्वरूप गर्मी

ऊर्जा स्थलों और जलवायु परिवर्तन के कार्यस्थलों के रूप में भारतीय शहर

राधिका खोसला
आजकल शहरों को स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के लिए रणनीतिक कार्यस्थलों के रूप में देखा जाता है. संयुक्त राष्ट्र के 2015 के स्थायी विकास के लक्ष्यों में पहली बार स्पष्ट रूप में शहरी लक्ष्य को भी शामिल किया गया है और 2015 के पेरिस जलवायु के करार में राष्ट्रीय विकास के संदर्भों में जलवायु के अनुकूल परिणामों के लिए

पर्यावरण के लिए अनुकूल रोड नैटवर्क बनाने के लिए सुनियोजित योजना

शशांक श्रीनिवासन
भारत को ज़रूरत है सड़कों की. देश भर में माल-असबाब और लोगों के निर्बाध आवागमन के लिए हमारे लिए रोड नैटवर्क बेहद आवश्यक है और इसकी मदद से ग्रामीण इलाके भी पूरे देश से जुड़ जाएँगे. रेल मार्ग और भारत की सड़कें सारे देश में एकता स्थापित करती हैं, लेकिन सवाल यह है कि भारत में कितनी सड़कें होनी चाहिए?

भारत में राजनीति किस प्रकार सड़क व्यवस्था को प्रभावित करती है

अंजली थॉमस बॉलकेन
भारत सरकार हर साल नागरिकों को पानी, साफ़-सफ़ाई, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करने के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे से संबंधित कार्यक्रमों को लागू करने के लिए भारी मात्रा में संसाधन जुटाती रही है. हालाँकि इन सभी प्रयासों से आम आदमी के जीवन-स्तर को सुधारने में बहुत हद तक मदद मिलने

अनुसूचित जनजाति का दर्जाः स्पष्टीकरण की आवश्यकता

क्रिस्टिना- आयोना ड्रैगोमीर
भारत के संविधान में अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा प्राप्त करने वाले समुदायों को कुछ संरक्षण प्रदान किये जाते हैं, लेकिन यह बात हमेशा ही विवादग्रस्त रही है कि किन समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान किया जाए. अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलने का अर्थ है कि इन समुदायों को राजनैतिक प्रतिनिधित्व के

उड़ान-योजनाओं में अवरोधः भारतीय ड्रोन उद्योग के विनियमों में व्याप्त उदासीनता

अनंत पद्मनाभन
लगभग एक साल पहले नागरिक विमानन के भारतीय महानिदेशालय (DGCA) ने ड्रोन के दिशा-निर्देशों का प्रारूप जारी किया था. भारत में अपेक्षाकृत नया उद्योग होने के कारण इन विनियमों के महत्व को देखते हुए अनेक उद्योग निकायों और स्टार्टअप्स ने इस पर अपना फ़ीडबैक दिया था और समयबद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया था. इस बात पर

बांग्लादेश-भारत संबंधः भूमि सीमा करार के लेंस के ज़रिये

तमीना एम. चौधुरी
बांग्लादेश-भारत संबंध कदाचित् उप महाद्वीप में सबसे अधिक जटिल द्विपक्षीय संबंध हैं. सन् 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता के बाद से ही यह धारणा बनी रही है कि भारत की भूमिका पाकिस्तान के विरुद्ध मात्र अपने राष्ट्र हितों को साधने की रही है. सन् 1972 में शांति और मैत्री की संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद दोनों ही देश आपसी संबंधों को सुधारने का प्रयास करते रहे, लेकिन उन्हें