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अर्थव्यवस्था

भारत आईसीटी के वैश्विक खेल में

ऐन्ड्रू बी. कैनेडी

यदि वैश्वीकरण एक खेल है तो लगता है कि भारत इसके विजेताओं में से एक विजेता हो सकता है.  पिछले दशक में भारत के आर्थिक विकास की दर का रिकॉर्ड बहुत शानदार रहा है और इसने तेज़ी से आगे बढ़ते हुए हाई टैक सैक्टर में प्रवेश पा लिया है. यह संक्रमण जितना आईसीटी (सूचना व संचार प्रौद्योगिकी) में स्पष्ट दिखायी देता है, उतना किसी और सैक्टर में दिखायी नहीं देता. जहाँ चीन ने आईसीटी हार्डवेयर के क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल किया है, वहीं भारत ने सॉफ़्टवेयर के क्षेत्र में अपनी शक्ति का लोहा मनवा लिया है.

भारत में बदला और एकल स्टॉक के भावी सौदों की कौतूहल-भरी लोकप्रियता

नील मैत्रा

सन् 1993 में भारतीय पूँजी बाज़ार के इतिहास के सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफ़ाश होने के कुछ समय के बाद ही भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बदले के प्रयोग पर पाबंदी लगा दी. बदला तंत्र ऐसा है जिसमें व्यापारी अपना कारोबार बिना किसी करार के भी कर सकते हैं और  अंतर्राष्ट्रीय वित्त आयोग और आर्थर ऐंडरसन की तत्कालीन ख्याति-प्राप्त फ़र्म जैसे विचित्र स्रोतों से शेयर या पैसा उधार लेने पर इसकी काफ़ी आलोचना हो चुकी थी.

भारत में बाँटने वाली राजनीति और गुप्त मतदानः किसका क्या परिणाम होगा?

मार्क श्नाइडर

क्या राजनैतिक दलों और उनके स्थानीय एजेंटों की पहुँच सरकारी सेवाओं और सरकारी कल्याण योजनाओं से मिलने वाले लाभ तक हो पाती है और क्या वे जान पाते हैं कि मतदाता कैसे वोट डालते हैं और किसको वोट डाल सकते हैं ? यह राजनैतिक रणनीति, जिसे सामाजिक वैज्ञानिक ग्राहकवाद कहते हैं उन स्थानीय नेताओं पर किये गये भारी निवेश पर निर्भर करती है जो मतदाताओं के बारे में यह जानकारी जुटाते हैं कि दल विशेष के प्रति उनकी पसंद क्या है, उनके वोटों के और विकल्प क्या हो सकते हैं, उनके इरादे क्या हैं और साथ ही यह भी कि चुनाव के दौरान वे अपने दल के पक्ष में मतदाताओं को रिझाने के लिए कौन-से लोक-लुभावने काम कर सकते हैं?

कच्चे तेल का भारत का राजा अफ्रीका में तेल के क्षेत्र में निवेश करके फँसा

ल्यूक पैटे

पिछले दिसंबर में दक्षिणी सूडान में संघर्ष शुरू हो जाने के कारण हाल ही में नवोदित देश में भारत के मल्टी-बिलियन डॉलर की तेल परियोजना बंद हो गयी. अस्थिरता के कारण भारतीय राजनयिकों ने नुक्सान से बचने की कोशिशें शुरू कर दीं, क्योंकि भारत की राष्ट्रीय तेल कंपनी की अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) के लिए आवश्यक था कि वह उस क्षेत्र से अपने कर्मचारियों को बाहर निकाले. वैश्विक तेल संसाधनों को हासिल करने में चीन को अक्सर भारत का सबसे बड़ा प्रतियोगी माना जाता है.

अफ्रीका पर केंद्रितः भारत की गतिविधियों का उभरता केंद्र उप-सहारा अफ्रीका

अर्न्ट मिचाएल

पिछले कुछ वर्षों में जिस परिमाण में उप-सहारा अफ्रीका के साथ भारत के व्यापार में भारी वृद्धि हुई है वह अपने-आप में ही इस बात का प्रमाण है कि उप-सहारा अफ्रीका भारत की नई धुरी है; भारत और उप-सहारा अफ्रीका के बीच सन् 2012 में व्यापार $60 बिलियन डॉलर का हो गया. उसी वर्ष अन्य देशों (योरोपीय संघ ($567.2 बिलियन डॉलर), अमरीका ($446.7 बिलियन डॉलर) और चीन ($220 बिलियन डॉलर) के साथ व्यापार में उल्लेखनीय कमी हुई.

नरेगाः पुनरुद्धार हो या खत्म हो ?

अभिरूप मुखोपाध्याय

क्या नरेगा पर संकट गहरा रहा है या यह मरणासन्न स्थिति में अंतिम साँसें गिन रहा है? वर्ष 2010-11 में इसका बजट 401बिलियन रुपये था, जो 2013-2014 में घटकर 330 बिलियन रुपये रह गया. हाल ही में कामगारों के लिए घोषित अधिक मज़दूरी के कारण नरेगा पर मामूली-सा असर पड़ा है. सरकारी अधिकारियों (और अनेक अर्थशास्त्रियों) को लगता है कि नरेगा में अब कामगारों की सामान्यतः रुचि नहीं रह गई है.

ऊर्जा नियोजन के लिए विश्लेषक बेस बनाने की ओर अग्रसर होना

राधिका खोसला

जलवायु परिवर्तन के संबंध में दिसंबर 2015 में प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्रसंघ की शिखर वार्ता के संभावित परिणामों को लेकर सारी दुनिया में और भारत में भी अनेक अनुमान लगाये जा रहे हैं. उसकी तैयारी के लिए प्रत्येक देश को इस वर्ष के अंत तक शिखर वार्ता से काफ़ी पहले INDC अर्थात् राष्ट्रीय तौर पर अपेक्षित निर्धारित योगदानपर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा. अमरीका-भारत के वर्तमान संबंधों के महत्व को देखते हुए जलवायु परिवर्तन के संबंध में भारत की प्रतिक्रिया को इसमें प्राथमिकता मिल सकती है.

एशिया में महाशक्ति के रूप में भारत का उदय

मंजीत एस. परदेसी

सिंगापुर के रक्षामंत्री नग इंग हेनने पिछले महीने दिये गये अपने एक बयान में यह इच्छा व्यक्त की थी कि भारत को दक्षिण चीन सागर में एक बड़ी भूमिका अदा करनी चाहिए. हाल ही के वर्षों में इसी तरह के बयान विएतनाम और फिलीपींस के नेताओं ने भी दिये हैं. दक्षिण पूर्वेशिया के नेताओं द्वारा उस क्षेत्र के सुरक्षा मामलों में भारत की भागीदारी के लिए उसे दिये गये निमंत्रणका मतलब है दक्षिण पूर्वेशिया में महाशक्ति के रूप में भारत का उदय और फिर एशिया में महाशक्ति के रूप में भारत का उदय.

नेपालः राजनैतिक सुधार के लिए घोषणा पत्र

प्रशांत झा
25 अप्रैल को नेपाल विनाशकारी भूकंप से दहल उठा और उसके बाद भी भूकंप के झटके आते रहे और 12 मई को एक बार फिर से एक शक्तिशाली भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया.आठ हज़ार से अधिक लोग अपनी जान गँवा बैठे. लगभग 600,000 से अधिक मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए या आंशिक रूप में क्षतिग्रस्त हो गये. आठ मिलियन लोग किसी न किसी रूप में इस विनाशकारी भूकंप से प्रभावित हुए हैं. हज़ारों स्कूलों की इमारतें खंडहरों में बदल गई हैं.काठमांडु की सांस्कृतिक विरासत को गहरा आघात लगा है.